जी-20 की अध्यक्षता भारत के लिए अपूर्व अवसर
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक स्तर पर जी - ऑल जैसे संगठन की वकालत करते रहे हैं। वह अपनी सूझ और भारतीय दृष्टि के अनुरूप ठीक हैं। अघोषित तौर पर दुनिया अब ग्लोबल विलेज है और उसके किसी हिस्से में होने वाली अस्थिरता का परिणाम प्रत्यक्ष व परोक्ष दोनों तरह से विश्व के सभी देशों को भोगना पड़ता है। यह उन स्थितियों के लिए है जिन्हें पहले से रोका , टाला या प्रबंधित नहीं किया जा सकता क्योंकि कुछ विषय देशों के संप्रभुता से जुड़े होते हैं। जबकि , जो सकारात्मक बदलाव हम विश्व में देखना चाहते हैं उसे किसी एक साझे प्लेटफार्म से प्रबंधित व पोषित कर सकते हैं। चूंकि , विश्व के सभी देश समान रूप से जिम्मेदार व जवाबदेह सिद्ध नहीं होते , साथ ही कई देश ऐसे प्रभावी कारक बनने में अक्षम हैं और उनकी नीतियां व प्राप्तियां वैश्विक बदलावों से ही संचालित हैं ,--- ऐसे में वैश्विक स्तर पर आर्थिक बदलावों को प्रबंधित करने वाले ऐसे देशों के समूह ...